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सोशल मीडिया और ओटीटी प्लेटफॉर्म के लिए मोदी सरकार की नई गाइडलाइंस( New Guidelines for Social Media And OTT Platforms) जारी किए हैं| मोदी सरकार ने 25 फरवरी गुरुवार को भारत में संचालित सभी सोशल मीडिया और ओटीटी प्लेटफॉर्म(Social Media & OTT Platforms) के लिए नई गाइडलाइन्स जारी कर दी हैं| सूचना एवं प्रसारण के क्षेत्र में मोदी सरकार का यह अहम और बड़ा कदम माना जा रहा है|

मानव संसाधन विकास मंत्रालय के केंद्रीय मंत्री श्री प्रकाश जावड़ेकर एवं केंद्र सरकार के कानून और न्याय  मंत्री रविशंकर प्रसाद ने एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस को संबोधित करते हुए मीडिया को यह जानकारी दी| 

सोशल मीडिया और ओटीटी प्लेटफॉर्म(Social Media & OTT Platforms) की नई गाइडलाइंस के अंतर्गत फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम, यूट्यूब जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और ऐमजॉन प्राइम ,नेटफ्लिकस,, डिज़्नी हॉटस्टार, एमएक्स प्लेयर जैसे ओटीटी प्लेटफॉर्म शामिल किए जाएंगे। 

भारत सरकार ने आईटी डिजिटल मीडिया ऐथिक्स कोड के तहत नए दिशानिर्देश जारी किए हैं| सोशल मीडिया पर फेक न्यूज  और अश्लीलता फैलाने वालों पर शिकंजा कसा जा सकेगा। ज्ञात हो की सोशल मीडिया और ओटीटी प्लेटफॉर्म(Social Media & OTT Platforms) की नई गाइडलाइंस के अंतर्गत सभी नियम अगले तीन महीने में लागू कर दिए जाएंगे।

जानते हैं क्या हैं सोशल मीडिया और ओटीटी प्लेटफॉर्मस के लिए जारी नई गाइडलाइन्स(New Guidelines for Social Media And OTT Platforms): 

  1. इंटरनेट से संबंधित सभी कंपनी, सोशल मीडिया और ओटीटी प्लेटफॉर्मस को शिकायत निवारण की व्यवस्था करनी होगी और इसके लिए एक अधिकारी रखना जरूरी होगा|
  2. प्लेटफ़ॉर्म पर अश्लील सामग्री मिलने पर यदि शिकायत दर्ज की गई तो 24 घंटे में उस सामग्री को हटाना होगा|
  3. केंद्र सरकार द्वारा भेजे गए नोटिस पर 72 घंटे के अंदर कार्रवाई करनी अनिवार्य होगी|
  4. नई गाइडलाइन्स के अंतर्गत सभी ओटीटी प्लेटफॉर्मस, सोशल मीडिया और डिजिटल मीडिया के लिए रजिस्ट्रेशन तथा डिसक्लेमर की जानकारी देनी अनिवार्य कर दी गई है| इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की तरह ही डिजिटल प्लेटफॉर्म को भी गलत खबर पर माफी प्रसारित करनी अनिवार्य होगी|
  5. चीफ कंप्लेन ऑफिसर और नोडल ऑफिसर की नियुक्ति करनी अनिवार्य होगी।
  6. फेक न्यूज को फैलने से बचाने के लिए संबंधित कंपनी को सूचना का पहला स्रोत बताना अनिवार्य होगा| यदि खबर का स्त्रोत भारत के बाहर से है तो यह बताना अनिवार्य होगा कि भारत में इसे सबसे पहले इसे किसने आगे बढ़ाया।
  7. महिलाओं से संबंधी अश्लील सामग्री प्रसारित करने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई का प्रावधान किया गया है।
  8. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मस को किसी यूजर का कंटेन्ट हटाने का उचित कारण भी बताना होगा|
  9. सोशल मीडिया और ओटीटी प्लेटफॉर्मस के स्व-नियमन के लिए एक संस्था बनाई जाएगी जिसका प्रमुख कोई सेवानिवृत्त जज या इस स्तर का व्यक्ति होगा।
  10. हर कंपनी को सोशल मीडिया रेग्युलेशन के लिए एक चीफ कंप्लायंस ऑफिसर की नियुक्ति करनी होगी, जो 24 घंटे कानून प्रवर्तन एजेंसियों के निर्देशों पर जवाब देगा और अनुपालन के लिए नियमित रिपोर्ट तैयार करेगा।
  11. वर्तमान में भारतीय ओटीटी प्लेटफॉर्मस के लिए कोई सेंसर बोर्ड नहीं है| जिससे दिन ब दिन इन प्लेटफॉर्मस अश्लीलता और धर्म विरोधी सामग्री परोसी जा रही है| New Guidelines for OTT Platforms के अंतर्गत ओटीटी प्लेटफॉर्मस को आयु वर्ग के अनुसार अपने कंटेन्ट को प्रसारित करना होगा।
  12. नई गाइडलाइन्स के जरिए ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम, नेटफ्लिक्स, अमेजन प्राइम और समाचार वेबसाइटों को नियमित करने का प्रावधान किया गया है। सरकार की माने तो नए नियमों के अंतर्गत एक शिकायत निवारण तंत्र पोर्टल बनाना होगा। 
  13. नए नियमों के अंतर्गत फेसबुक, ट्विटर, व्हाट्सएप और लिंक्डइन जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से सरकार द्वारा मांगे जाने पर कंटेंट की जानकारी देना आवश्यक होगा।

 केंद्रीय मंत्री श्री प्रकाश जावड़ेकर ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कहा कि वर्तमान में देश में कितने न्यूज़ पोर्टल ओर फ्रीलान्स न्यूज़ चैनल संचालित हो रहे हैं, इसकी हमारे पास जानकारी उपलब्ध नहीं है। इस बार संसद के शीतकालीन सत्र में दोनों सदनों लोकसभा और राज्यसभा में सोशल मीडिया और ओटीटी प्लेटफॉर्म की गतिविधियों से संबंधित कुल 50 से ज्यादा प्रश्न पूछे गए। 

ट्विटर ,फ़ेसबुक , यूट्यूब ,व्हाट्सएप और लिंक्डइन जैसी सोशल मीडिया वेबसाईटस तथा नेटफ्लिक्स और अमेज़न प्राइम जैसे बड़े ओटीटी प्लेटफॉर्मस को कई बार नोटिस भेजने के बाद भी सोशल मीडिया और ओटीटी प्लेटफॉर्मस ने संचालन के लिए कोई नियमावली नहीं बनाई।

 


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