भारत में औरत को देवी का दर्जा दिया जाता है| भारत की महिलाएं हर क्षेत्र में अपना नाम रोशन कर रहीं हैं| वे किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से कम नहीं हैं| इसी कड़ी में आज हम बात करते हैं इंडियन आर्मी की पहली लेफ्टिनेंट जनरल माधुरी कानिटकर की|
माधुरी कानिटकर ने इसी साल 2020 में लेफ्टिनेंट जनरल का पदभार ग्रहण किया है| पद ग्रहण के साथ ही उन्हें आर्मी मुख्यालय में इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ में तैनात किया गया है| माधुरी पहली बाल रोग विशेषज्ञ हैं जो सशस्त्र बल से हैं और यह पद भार ग्रहण करेंगी।
माधुरी कानिटकर का जीवन
माधुरी का जीवन उपलब्धियों से भरा हुआ है| माधुरी देश की महिलाओं और लड़कियों के लिए एक प्रेरणास्त्रोत हैं| माधुरी 37 साल से भारतीय सेना में कार्यरत हैं और वे लेफ्टिनेंट जनरल के पद पर कार्य करने वाली पहली बाल रोग चिकित्सक बन गयीं हैं|
माधुरी कानिटकर लेफ्टिनेंट जनरल के पद ग्रहण करने से पहले पुणे में सशस्त्र बल मेडिकल कॉलेज (AFMC) की पहली महिला डीन रह चुकी हैं| माधुरी की सबसे बड़ी उपलब्धि ये है की उन्होंने आर्मी मेडिकल कोर में पहला बाल चिकित्सा नेफ्रोलॉजी यूनिट स्थापित किया था|

माधुरी कानिटकर बचपन से ही डॉक्टर की पढ़ाई करना चाहती थीं| उनके पिता इंजिनियर थे लेकिन वे हमेशा से डॉक्टर बनना चाहतीं थीं| आर्मी ज्वाइन करने का ख्याल भी उनके मन में MBBS के दिनों से ही था| फ़ौज का अनुशासन और काम करने का तरीका माधुरी को भा गया तभी से वे आर्मी की तरफ आकर्षित हुईं|
माधुरी ने अपनी पढ़ाई एम्स से पीडियाट्रिक और पीडियाट्रिक नेफ्रोलॉजी में की है| माधुरी कानिटकर ने प्रधानमंत्री के वैज्ञानिक और तकनीकी सलाहकार बोर्ड के सदस्य के रूप में भी अपनी सेवायें दी हैं| लेफ्टिनेंट जनरल का पदभार सँभालने वालीं माधुरी के पति राजीव कानिटकर भी लेफ्टिनेंट जनरल के पद पर थे जो अब सेवानिवृत्त हो चुके हैं।

माधुरी कहती हैं की उन्हें भी परिवार और अपने काम को करते समय जीवन के कठिन दिनों का सामना भी करना पड़ा| उस कठिन समय में उन्होंने अपने परिवार को चुनने का फैसला किया और सोचा की आर्मी से रिटायरमेंट ले लिया जाए| लेकिन एक अच्छे जीवन साथी के तौर पर उनका साथ दिया उनके पति लेफ्टिनेंट जनरल राजीव कानिटकर ने| माधुरी ने अपना मन बदला और त्यागपत्र नहीं दिया| आज माधुरी खुद लेफ्टिनेंट जनरल के पद पर कार्यरत हैं|
जानकारी के लिए आपको बता दें की लेफ्टिनेंट जनरल का पद ग्रहण करने वाली माधुरी कानिटकर देश की तीसरी महिला हैं| नौसेना की वाइस एडमिरल डॉ. पुनीता अरोड़ा ये उपलब्धि हासिल करने वाली पहली महिला हैं वहीं वायुसेना की एयर मार्शल पद्मावती बंदोपाध्याय दूसरी महिला थी।