रणदीप-हुड्डा-की-फिल्म-बैटल-ऑफ़-सारागढ़ी
Spread the love

रणदीप हुड्डा (Randeep Hooda) आज बॉलीवुड का जाना माना नाम है| 20 अगस्त, 1976 में हरियाणा के रोहतक में जन्मे रणदीप का आज 44वां बर्थडे है| हरियाणा में जन्मे रणदीप ने ऑस्ट्रेलिया से ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट में पोस्ट ग्रेजुएशन डिग्री ली है। उनके लिए मेलबोर्न में अपनी पढाई पूरी करने के लिए खर्च निकलना मुश्किल होता था इसके लिए उन्होंने वेटर और ड्राइवर का काम भी किया|

2001 में डायरेक्टर मीरा नायर की फिल्म मानसून वेडिंग(Monsoon Wedding) से बॉलीवुड में कदम रखा| फ़िल्मी सफ़र शुरू तो हुआ लेकिन रणदीप हुडडा कोई खास पहचान नही बना पाए|

रणदीप-हुड्डा-की-फिल्म-बैटल-ऑफ़-सारागढ़ी
Images Taken From INSTAGRAM

2010 में मिलन लुथरिया की फिल्म ‘वन्स अपॉन ए टाइम इन मुंबई’(Once Upon a Time in Mumbai) ने रणदीप की जिन्दगी बदल दी| उसके बाद रणदीप अपनी हर फिल्म में किरदार निभाने के लिए जान डालते गये| फिल्म ‘सरबजीत’ के लिए उन्होंने 18 किलो तक वजन कम किया था| किरदार में ढलने के लिए इतनी मेहनत की कि शरीर की हड्डियाँ तक दिखने लगीं| लेकिन इससे रणदीप संतुष्ट थे|

रणदीप हुड्डा की फिल्म बैटल ऑफ़ सारागढ़ी

2016 में राजकुमार संतोषी रणदीप हुडडा के साथ ‘बैटल ऑफ़ सारगढ़ी’ नाम से फिल्म बनाने वाले थे| फिल्म 1897 के सिख अफगान युद्ध पर आधारित थी| जिसमें रणदीप हवलदार ईशर सिंह की भूमिका निभाने वाले थे| खुद को फिल्म के किरदार में ढालने के लिए कड़ी मेहनत करने वाले रणदीप ने पूरी तैयारी कर ली थी|

रणदीप-हुड्डा-की-फिल्म-बैटल-ऑफ़-सारागढ़ी
Images Taken From Twitter

बकौल रणदीप उन्होंने पूरे दो साल तक एक सिख का जीवंन जिया| उन्होंने कहा की -”मैंने हर स्तर पर अपने किरदार के लिए प्रयास किया।हालांकि फिल्म रिलीज़ नही हो पायी लेकिन इस किरदार से मैंने बहुत कुछ सीखा| मैंने सिख धर्म की बातों को शुरू से जाना| सिखों का इतिहास ,उनकी महानता, उनका त्याग और बलिदान सभी बातों को करीब से जाना| मैंने सिखों की मार्शल आर्ट भी सीखी जो फिल्म की पहली ज़रूरत भी थी|

आज मैं पहले से एक बेहतर इंसान हूँ| मैंने एक कलाकार और व्यक्तिगत रूप से खुद को निखारा है| मेरे अन्दर एक सिख बढ़ रहा था जिसे लोग मेरे बढे हुए केश के रूप में देख पा रहे थे| लेकिन इस सकारात्मक बदलाव को मैं अपने अन्दर महसूस कर रहा था|”

रिलीज तक हो नहीं पाई फिल्म

रणदीप हुड्डा की फिल्म बैटल ऑफ़ सारागढ़ी की तैयारियां पूरी हो गयीं थी लेकिन उसी समय अक्षय कुमार की फिल्म “केसरी” की घोषणा हो गयी| फिल्म की घोषणा के साथ उसकी रिलीज़ डेट भी बताई गयी| फिल्म को करन जोहर ने प्रोडूस किया था|

फिल्म ‘केसरी’ ने दर्शकों का दिल भी जीता और सफलता के रिकॉर्ड भी तोड़े| इसी वजह से रणदीप हुड्डा की फिल्म बैटल ऑफ़ सारागढ़ी कभी रिलीज़ ही नहीं हो पायी|

रणदीप के मन में फिल्म ‘बैटल ऑफ़ सारागढ़ी’ की टीस आज भी है| 2019 में इन्स्टाग्राम पर इस पोस्ट को करने के बाद रणदीप ने अपने बाल कटवाए और इस कहानी का एक दुखद अंत हुआ|

रणदीप ने अपनी प्रतिक्रिया भी दी उन्होंने कहा हालांकि अब मैं उबर गया हूं लेकिन फिल्म केसरी से मैं ज्यादा उत्साहित नहीं हुआ क्यूंकि हमारी फिल्म ‘बैटल ऑफ़ सारागढ़ी’ सच के ज्यादा करीब थी| मुझे इस बात का दुख है कि एक अच्छी और सच्ची फिल्म दर्शक नहीं देख पाए|

रणदीप-हुड्डा-की-फिल्म-बैटल-ऑफ़-सारागढ़ी
Images Taken from google

रणदीप हुडडा ने कभी इस बात को मुद्दा नहीं बनाया और चुपचाप अपना काम करते गये| इन तीन सालों में उनके पास ज्यादा काम नहीं था लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी| और सफलता का वो मुकाम देखा जिसके लिए आज भी कई बड़े बॉलीवुड स्टार तरसते हैं|

रणदीप हाल ही में हॉलीवुड फिल्म “Extraction” में नज़र आये जिसमे “थोर” के नाम से मशहूर हॉलीवुड अभिनेता क्रिस हेम्सवर्थ और बॉलीवुड अभिनेता पंकज त्रिपाठी थे| फिल्म Extraction ने कमाई ने नए रिकॉर्ड बनाये| इस फिल्म को दुनिया भर से दर्शकों का प्यार मिला|

इसके बाद रणदीप सलमान खान की आगामी फिल्म “राधे-योर मोस्ट वांटेड भाई” में विलेन के किरदार में दिखाई देंगे। रणदीप का ड्रीम प्रोजेक्ट “सुल्ताना डाकू” का किरदार है जिसे वे ‘बैटल ऑफ़ सारागढ़ी’ के कारण बना ही नहीं पाए हैं|


Spread the love