मुकेश-और-नीता-अंबानी-की-प्रेम-कहानी
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भारत के सबसे बड़े उद्योगपतियों में से एक मुकेश अंबानी बड़े ही साधारण और सरल व्यक्तित्व के हैं| उन्हें देखकर कोई अंदाजा नहीं लगा सकता की वे भारत के धन कुबेरों में से एक हैं| जितने वो सरल दिखते हैं उसके उलट उनकी पत्नी नीता अंबानी मॉडर्न और स्टाइलिश हैं| नीता को देखकर आज भी उनकी उम्र का कोई अनुमान नहीं लगा सकता|

मुकेश और नीता अंबानी जितने दिलचस्प व्यक्तित्व के हैं उनकी प्रेम कहानी भी उतनी ही दिलचस्प है| आईये बात करते हैं मुकेश और नीता अंबानी की प्रेम कहानी के बारे में|

कैसे शुरू हुई प्रेम कहानी 

नीता अंबानी के पिता रविन्द्रभाई दलाल बिड़ला ग्रुप में काम करते थे| रविन्द्रभाई बिड़ला ग्रुप के एक वरिष्ठ अधिकारी के पद पर कार्य किया करते थे| उस समय नीता मात्र 20 साल की थीं और कॉलेज में पढाई कर रहीं थी| नीता भरतनाट्यम की ट्रेंड डांसर हैं| नवरात्री में बिड़ला ग्रुप के एक फंक्शन में जहाँ धीरुभाई अंबानी अपनी पत्नी कोकिलाबेन के साथ उपस्थित थे, नीता को डांस करते देखा| दोनों को ही नीता बहुत अच्छी लगीं| फिर क्या था ,धीरूभाई अंबानी ने बेटे मुकेश के लिए नीता को पसंद कर लिया| और फिर शुरू हुई मुकेश और नीता अंबानी की प्रेम कहानी|

कार्यक्रम ख़त्म होने के बाद धीरूभाई ने प्रायोजकों से नीता का फ़ोन नंबर ले लिया|अगले दिन धीरुभाई ने नीता के घर पर फ़ोन किया| इत्तेफ़ाक से फ़ोन उठाया नीता ने, आवाज़ आई “मैं धीरुभाई अंबानी बोल रहा हूँ” नीता ने सोचा कोई शरारत कर रहा है और बिना कुछ जवाब दिए नीता ने फोन रख दिया|

धीरुभाई अंबानी ने दूसरी बार फिर फोन किया और फिर से नीता ने ही फोन उठाया| आवाज़ आई“मैं धीरुभाई अंबानी बोल रहा हूँ” इस बार नीता से तपाक से कहा “अगर आप धीरूभाई अंबानी बोल रहे हैं तो मैं एलिजाबेथ टेलर बोल रही हूं।” और फोन काट दिया|

धीरूभाई अंबानी स्थिति को समझ गये लेकिन फिर भी उन्होंने तीसरी बार कोशिश की और फिर से नीता के घर फोन किया| इस बार फोन नीता के पिता ने उठाया और दूसरी तरफ से आई आवाज़ सुनकर सन्न रह गये| धीरुभाई ने उन्हें कहा की वे नीता से बात करना चाहते हैं| नीता के पिता ने नीता को समझाया की फोन पर सच में धीरूभाई अंबानी हैं और वे उनसे बहुत विनम्रता से बाते करें|

नीता को अपनी गलती समझ आई और धीरूभाई से बात करते हुए बोली “जय श्री कृष्णा| धीरूभाई अंबानी ने भी बात को टालते हुए कहा मैंने आपको अपने ऑफिस बुलाने के फोन किया है| नीता ने भी धीरूभाई अंबानी का न्यौता स्वीकार कर लिया|

जब धीरुभाई अंबानी के ऑफिस पहुंची नीता

धीरुभाई अंबानी के ऑफिस से न्यौता आने के बाद नीता को धीरुभाई से मिलने जाना ही था| मन में संकोच था लेकिन वे निडर होकर धीरुभाई अंबानी से मिलने उनके ऑफिस पहुंची| वहां धीरुभाई ने नीता से पूछा की वे पढाई में क्या कर रहीं हैं और पढाई के अलावा उन्हें और क्या क्या पसंद है| इस पर नीता ने बताया की डांसिंग का शौक है| 

आगे धीरुभाई अंबानी ने कहा की क्या वे उनके बेटे मुकेश ने मिलना चाहेंगी ? जिसके बाद नीता धीरुभाई अंबानी के घर मुकेश से मिलने पहुंची|

कैसी थी मुकेश और नीता की पहली मुलाकात

धीरुभाई अंबानी के कहने पर जब नीता मुकेश से मिलने उनके घर गयीं तब जिस शख्स ने दरवाजा खोला वो कोई और नहीं बल्कि खुद मुकेश थे| और मुकेश ने हाथ आगे बढ़ाते हुए कहा की “हेल्लो ! मैं मुकेश हूँ”| 

मुकेश और नीता पहली ही मुलाक़ात के बाद एक दुसरे को पसंद करने लगे थे| दोनों ने एक साथ और वक़्त बिताने का फ़ैसला किया जिससे एक दुसरे को और ज्यादा जान सकें| 

मुकेश नीता से मिलने अक्सर उनके कॉलेज जाया करते थे| वे हमेशा किसी का किसी महंगी गाडी से ही नीता से मिलने जाते थे| मुकेश और नीता अंबानी की प्रेम कहानी में एक क़िस्सा और जुड़ा जब एक बार नीता ने मुकेश को बस का सफ़र करने को कहा और मुकेश तैयार भी हो गये| उसके बाद दोनों ने कई बार बस से भी यात्रा की|

मुकेश अंबानी ने नीता को ऐसे किया प्रपोज

मुकेश और नीता अंबानी की प्रेम कहानी में ऐसा मोड़ आया की जब मुकेश अंबानी मन ही मन नीता को अपना जीवन साथी चुन चुके थे लेकिन इस बारे में उनसे बात नहीं कर पाए थे| एक दिन जब हमेशा की तरह दोनों घूम रहे थे| उनकी गाडी पैडर रोड पर थी और उस दिन ट्रैफिक काफ़ी ज्यादा था| मुकेश ने गाडी एक सिगनल पर रोक दी और नीता से कहा “नीता क्या तुम मुझसे शादी करोगी? तुम जब तक इस सवाल का जवाब नहीं देतीं ये गाडी नहीं चलेगी”| नीता ने कुछ देर बाद शरमाते हुए मुकेश को हाँ में जबाब दे दिया|

शादी के लिए नीता की शर्त थी की जब तक उनकी पढाई पूरी नही होती वे शादी नहीं करेंगी| जब इस शर्त का धीरूभाई अंबानी को पता चला तो वे इस बात के लिए तैयार हो गये| मुकेश और नीता की शादी 8 मार्च 1985 को बहुत धूमधाम से संपन्न हुई|

तो इस तरह एक डांस परफॉरमेंस ने मुकेश और नीता अंबानी की प्रेम कहानी को रच दिया|

 


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